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Showing posts from June, 2014

सिर्फ पैसा बनाने का धंधा

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दिल्ली में कामकाजी महिलाओं और छात्राओं का हॉस्टल (पीजी) आज एक व्यवसाय का रूप ले चुका है। लेकिन इन हॉस्टलों में ना तो पर्याप्त सुविधा है, ना कोई सुरक्षा का इंतजाम। विडंबना यह है कि इन हॉस्टलों को लेकर शासन-प्रशासन ने भी दिशा-निर्देश अब तक नहीं बनाए हैं। “पीजी में रहने में तो बहुत दिक्कतें आती हैं। एक कमरे में जब दो-तीन लड़कियां रहती हैं तो कई मामलों में समझौता करना ही पड़ता है। यहां हमारा अपना घर जो नहीं है।” सत्या यह कहते हुए एक फीकी-सी मुस्कान बिखेरती हैं। वो गोरखपुर की रहने वाली हैं और दिल्ली में एक निजी कंपनी में नौकरी करती हैं। वो बताती हैं कि दिल्ली में नौकरी मिलने से वो काफी उत्साहित थी। लेकिन साथ-साथ उन्हें अपने रहने के लिए ठिकाने की भी तलाश थी। किराए पर मकान लेना उनके बजट से बाहर था इसलिए कुछ पहचान वालों और मित्रों के कहने पर वो लक्ष्मी नगर में एक पीजी में रहने लगी। कुछ ऐसी ही कहानी बिहार के चंपारण जिले से यूपीएसी की तैयारी करने आई शिल्पा भी सुनाती हैं। वे साल 2013 में दिल्ली आईं थी। पहले तो उन्होंने मुखर्जी नगर में कई कमरे तलाशे पर बजट में कोई ढंग का कमरा नहीं ...

नई सरकार का इंतजार

चुनाव के दैरान इक्का-दुक्का धरना-प्रदर्शनों को छोड़ दें तो जंतर-मंतर पर इस पखवाड़े सन्नाटा ही पसरा हुआ था। ऐसा लग रहा था मानो जंतर-मंतर को भी नई सरकार का इंतजार हो। इस पखवाड़े के शुरुआती दिनों में जंतर-मंतर पर घूमते हुए लगा कि यह वास्तविक जंतर-मंतर नहीं है। क्योंकि जंतर-मंतर ध्ारना-प्रदर्शन के लिए जाना जाता है। और इन दिनों यहां कोई धरना-प्रदर्शन नहीं हो रहा है। कहीं कोई अपने हाथ में माइक ले कर अपने अधिकारों की बात नहीं कर रहा है। कई महीनों से यहां डेरा डाले इक्का-दुक्का लोगों को छोड़ दें तो जंतर-मंतर पर पूरी तरह सन्नाटा फैला हुआ था। जंतर-मंतर पुलिस चौकी में बैठे दिल्ली पुलिस के सिपाही भी सुस्ता रहे थे। पूछने पर एक सिपाही ने बताया कि आम चुनाव हो रहे हैं इसलिए यहां धरना-प्रदर्शन नहीं हो रहा है। लोगों का मानना है कि चुनाव की वजह से केंद्र सरकार हमारी बातें सुनने और निर्णय करने की स्थिति में नहीं है। बहरहाल, इस बार जंतर-मंतर पर एक दिन एक अलग माहौल देखने को मिला। यह माहौल खुशी और जश्न का था। आम तौर पर यहां सताए हुए लोग अपनी फरियाद ले कर आते हैं। परंतु बीते 19 अप्रैल की शाम यह...